बिहार के प्राथमिक शिक्षा में अभूतपूर्व सुधार : प्रसिद्ध शिक्षाविद रूक्मणी बनर्जी
• देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे गणित में कहीं आगे हैं
नई दिल्ली (वार्ता)। सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् रूक्मणी बनर्जी ने कहा कि बिहार ने हाल के वर्षो में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में जितना विकास किया है, उतना देश के किसी राज्य ने नहीं किया है। बिहार में शिक्षा की स्थिति सबसे बदतर थी। शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय देश के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन ‘प्रथम’ की निदेशक बनर्जी ने बुधवार को यहां नेहरू संग्रहालय एवं पुस्तकालय में बिहार की प्रसिद्ध इतिहासकार पापिया घोष की स्मृति में आयोजित व्याख्यान में यह बात कही।
गौरतलब है कि पापिया घोष की कुछ साल पहले पटना में हत्या कर दी गई थी। शिकागो विविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी कर चुकी बनर्जी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में राज्य ने प्राथमिक शिक्षा पर जितना ध्यान दिया है, उतना किसी राज्य ने नहीं दिया है और बिहार आज काफी बदल चुका है। बिहार में 2005- 06 तक प्राथमिक शिक्षा की इतनी बुरी हालत थी जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी और शिक्षा में सुधार लाना वहां असंभव कार्य जैसा था लेकिन इस असंभव कार्य को संभव बनाने का पहला चरण पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण को पूरा करना बाकी है।
ऑक्सफोर्ड विवि में रोड्स फेलोशिप प्राप्त बनर्जी ने कहा कि बिहार में 1990 से 2005-06 तक कोई स्कूल खोला नहीं गया और शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। देश में स्कूल से बाहर सबसे ज्यादा 25 लाख बच्चे बिहार में ही थे और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कोई संस्थान भी वहां नहीं था। इतना ही नहीं, वहां हर साल बोर्ड की परीक्षा के लिए एक लाख छात्रों की वृद्धि हो जाती थी, ड्राप आउट भी सबसे अधिक वहां था। ऐसी परिस्थितियों के बावजूद बिहार में शिक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ और लड़कियों की शिक्षा के मामले में तो पश्चिम बंगाल के बाद सबसे अधिक संख्या बिहार में बढ़ी और यहां सब पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण तथा लड़कियों के लिए साइकिल योजना के कारण हुआ। इससे लड़कियों में गजब का आत्मविास पैदा हुआ।
इतना ही नहीं, प्राइमरी कक्षाओं में गणित के मामले में बिहार के बच्चे देश के अन्य राज्यों से आगे हैं। बिहार में अभी भी शिक्षकों की कमी है और गुणवत्ता का अभाव है पर गुणवत्ता की समस्या पूरे देश में बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में शिक्षा में जो सुधार हुआ है, उसके नतीजे आने वाले सालों में अधिक नजर आएंगे।
खबर साभार : राष्ट्रीय सहारा
0 Comments