शिक्षक ही नहीं तो दिवस कैसा : लाख से अधिक पद खाली हैं प्राइमरी से लेकर डिग्री कॉलेजों में
१-दावों के बाद भी सरकारी स्कूलों में नहीं सुधर पा रही पढ़ाई
२-45,74 उच्च प्राइमरी स्कूल 1,13,62 प्राइमरी स्कूल मानक से कम
३-20 करोड़ आबादी वाले प्रदेश में स्कूल कालेज खोले गये पर अध्यापकों का टोटा है
लखनऊ। सूबे के सरकारी प्राइमरी, इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेजों में फिलहाल 3,06,707 शिक्षकों के पद खाली हैं। सरकारी स्कूलों का यह हाल तब है जब पढ़ाई का माहौल निजी स्कूलों से बेहतर बनाने की बात हो रही है। शुक्रवार को ‘शिक्षक दिवस’ के मौके पर क्वालिटी एजुकेशन का राग तो जरूर अलापा जाएगा, लेकिन शिक्षकों की कमी दूर करने का कोई ठोस योजना सामने आएगी, इसमें संदेह ही है।
20 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइमरी से लेकर डिग्री स्तर पर 1,62,476 स्कूल और कॉलेज खोले गए हैं। इसके बावजूद पढ़ाई का स्तर दिनों दिन गिरता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह शिक्षकों की कमी है।
सबसे ज्यादा कमी तो प्राइमरी स्कूलों में है। इसे दूर करने की कवायद पिछले तीन सालों से की जा रही है, पर नतीजा सिफर ही है। कमोबेश यही हाल राजकीय इंटर कॉलेजों से लेकर डिग्री कॉलेजों तक की है। वहीं, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के सार्थक प्रयास न होने की वजह से ही निजी स्कूलों का धंधा फल फूल रहा है।
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस कमी को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। शिक्षकों की कमी दूर होते ही परिषदीय स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा बच्चों को मिलने लगेगी।
- रामगोविंद चौधरी, बेसिक शिक्षा मंत्री
1,62,476 पदनामस्वीकृतकार्यरतरिक्त
प्रधानाचार्य55786471
हाईस्कूल प्रधानाचार्य1124616508
प्रवक्ता53344400934
एलटी ग्रेड14,31659508366
स्कूल और कॉलेज खोले गए 20 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में राज. डिग्री कॉलेज 13 ,लएडेड डिग्री कॉलेज 33 ,स्वीकृत पद महिला 372 ,स्वीकृत पद पुरुष 11,86 खाली पद 398
खबर साभार : अमरउजाला
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