72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती का मामला : फिर हाईकोर्ट में जाएगा मेरिट का मसला
१-सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण लौटाया कहा, हाईकोर्ट में दाखिल करें याचिका
२-शैक्षणिक मेरिट को लेकर संघर्ष जारी है
३-दूसरे प्रदेश में भर्ती नियमावली 1981 में शैक्षणिक मेरिट ही चयन का आधार है
इलाहाबाद (ब्यूूरो)। प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती में टीईटी के बजाए शैक्षणिक मेरिट को आधार बनाने का मामला फिर हाईकोर्ट में जाएगा। अभ्यर्थी इस प्रकरण में नई दलीलों के साथ अदालत जाने की तैयारी में हैं। गत पांच सितंबर को सुप्रीमकोर्ट कोर्ट ने इसी मामले पर दाखिल याचिका वापस करते हुए कहा कि अभ्यर्थीगण अपनी बात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहें। सुप्रीमकोर्ट में पहले से ही एक विशेष अनुमति याचिका लंबित है जिसमें अंतरिम आदेश के तहत मौजूदा समय में टीईटी मेरिट पर ही भर्ती प्रक्रिया जारी रखी गई है।
शैक्षणिक मेरिट के आधार पर भर्ती करने को लेकर संघर्ष कर रहे कपिल देव यादव, अशोक द्विवेदी का कहना है कि टीईटी मेरिट पर भर्ती करना एनसीटीई के नियमों का उल्लंघन है। यह बात सुप्रीमकोर्ट के समक्ष रखी गई। एनसीटीई ने टीईटी को मात्र अर्हता परीक्षा माना है। इसे उत्तीर्ण करने के बाद चयन राज्य की अपनी चयन नीति के आधार पर किया जाएगा। दूसरे प्रदेश सरकार की सहायक अध्यापक भर्ती नियमावली 1981 में भी शैक्षणिक मेरिट पर ही चयन करने का नियम है। प्रदेश सरकार ने महिला, पुरुष, विज्ञान और कला वर्गों की अलग-अलग मेरिट बनाकर भी 1981 की नियमावली का उल्लंघन किया है।
साधना मिश्रा और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली सुप्रीमकोर्ट की खंडपीठ ने हाईकोर्ट को यह मामला निस्तारित करने केे लिए कहा है।
खबर साभार : अमरउजाला , हिन्दुस्तान और जागरण
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