शिक्षक नहीं पाएंगे मनचाहे जिलों में तबादला : निदेशालय ने स्थानांतरण नीति का भेजा प्रस्ताव -
१-शिक्षक नहीं पाएंगे मनचाहे जिलों में तबादला
२-निदेशालय ने स्थानांतरण नीति का भेजा प्रस्ताव
३-शिक्षकों की भर्ती जारी रहने के कारण किया निर्णय
४-इस वर्ष नहीं होगा जिलास्तरीय समायोजन
५-चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है जो ३१ अगस्त तक पूरा करना है
६-जिला स्तर पर पदोनन्ति की व्यवस्था है
लखनऊ। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इस साल मनचाहे जिलों में तबादला नहीं पाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में स्थानांतरण नीति संबंधी प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा समय चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो 31 अगस्त तक पूरी होगी। इसके बाद ही जिलेवार शिक्षकों के रिक्त पदों के बारे में वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। इसलिए शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की कार्यवाही स्थगित रखना उचित होगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इसके अलावा जिले स्तर पर शिक्षकों के समायोजन और पदोन्नति संबंधी नीति का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि परिषदीय शिक्षकों का काडर जिला स्तर का है तथा अंतरजनपदीय स्थानांतरण वार्षिक व्यवस्था के तहत जरूरी नहीं है। यह केवल शिक्षकों को सुविधा देने के लिए है। इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही बीएसए की सिफारिश पर शिक्षकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण देना उचित होगा।
परिषदीय स्कूलों में हर साल शिक्षकों का होने वाला समायोजन भी इस साल नहीं किया जाएगा। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा समय चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कमी वाले स्कूलों में डेढ़ माह के अंदर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। ऐसे में शिक्षकों के समायोजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी केवल उन्हीं स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन का प्रस्ताव सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेज सकेंगे जहां स्वीकृत संख्या से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। सचिव के अनुमोदन के बाद ऐसे शिक्षकों का समायोजन जरूरत वाले स्कूलों में किया जाएगा।
#पदोन्नति की व्यवस्था है -
जिला स्तर पर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति की व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रस्ताव में कहा है कि पदोन्नति के बाद बीएसए रिक्त होने वाले पदों पर कुछ शिक्षकों का समायोजन कर देते हैं, जबकि कुछ शिक्षकों को पदोन्नति के बाद भी उसी स्कूल में बनाए रखा जाता है। इससे अक्सर घालमेल की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसलिए समायोजन व स्थानांतरण की कार्यवाही करने से पहले प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक व उच्च प्राइमरी में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक तथा विज्ञान शिक्षक के पदों को पदोन्नति से भरा जाए। बीएसए यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर लेंगे।
#तबादले में इन्हें प्राथमिकता -
जिला स्तर पर होने वाले तबादले में कैंसर, हेपेटाइटिस बी व अन्य गंभीर रोग से पीड़ित शिक्षकों के अलावा सैनिकों की पत्नियों, विधवा, परित्यक्ता शिक्षिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इन शिक्षकों को बंद व एकल स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। पिछड़े क्षेत्रों में पांच साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को इसके बाद स्थानांतरण किया जा सकेगा।
साभार : अमरउजाला
१-शिक्षक नहीं पाएंगे मनचाहे जिलों में तबादला
२-निदेशालय ने स्थानांतरण नीति का भेजा प्रस्ताव
३-शिक्षकों की भर्ती जारी रहने के कारण किया निर्णय
४-इस वर्ष नहीं होगा जिलास्तरीय समायोजन
५-चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है जो ३१ अगस्त तक पूरा करना है
६-जिला स्तर पर पदोनन्ति की व्यवस्था है
लखनऊ। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इस साल मनचाहे जिलों में तबादला नहीं पाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में स्थानांतरण नीति संबंधी प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा समय चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो 31 अगस्त तक पूरी होगी। इसके बाद ही जिलेवार शिक्षकों के रिक्त पदों के बारे में वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। इसलिए शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की कार्यवाही स्थगित रखना उचित होगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इसके अलावा जिले स्तर पर शिक्षकों के समायोजन और पदोन्नति संबंधी नीति का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि परिषदीय शिक्षकों का काडर जिला स्तर का है तथा अंतरजनपदीय स्थानांतरण वार्षिक व्यवस्था के तहत जरूरी नहीं है। यह केवल शिक्षकों को सुविधा देने के लिए है। इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही बीएसए की सिफारिश पर शिक्षकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण देना उचित होगा।
परिषदीय स्कूलों में हर साल शिक्षकों का होने वाला समायोजन भी इस साल नहीं किया जाएगा। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा समय चार स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कमी वाले स्कूलों में डेढ़ माह के अंदर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। ऐसे में शिक्षकों के समायोजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी केवल उन्हीं स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन का प्रस्ताव सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेज सकेंगे जहां स्वीकृत संख्या से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। सचिव के अनुमोदन के बाद ऐसे शिक्षकों का समायोजन जरूरत वाले स्कूलों में किया जाएगा।
#पदोन्नति की व्यवस्था है -
जिला स्तर पर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति की व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रस्ताव में कहा है कि पदोन्नति के बाद बीएसए रिक्त होने वाले पदों पर कुछ शिक्षकों का समायोजन कर देते हैं, जबकि कुछ शिक्षकों को पदोन्नति के बाद भी उसी स्कूल में बनाए रखा जाता है। इससे अक्सर घालमेल की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसलिए समायोजन व स्थानांतरण की कार्यवाही करने से पहले प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक व उच्च प्राइमरी में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक तथा विज्ञान शिक्षक के पदों को पदोन्नति से भरा जाए। बीएसए यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर लेंगे।
#तबादले में इन्हें प्राथमिकता -
जिला स्तर पर होने वाले तबादले में कैंसर, हेपेटाइटिस बी व अन्य गंभीर रोग से पीड़ित शिक्षकों के अलावा सैनिकों की पत्नियों, विधवा, परित्यक्ता शिक्षिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इन शिक्षकों को बंद व एकल स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। पिछड़े क्षेत्रों में पांच साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को इसके बाद स्थानांतरण किया जा सकेगा।
साभार : अमरउजाला

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