4 दिन 14 जिले, कैसे सही होंगी गलतियां : शिक्षक भर्ती के लिए जारी टीईटी मेरिट में गड़बडियों की भरमार -
१-वेबसाइट पर मेरिट देखने में अभ्यर्थियों के छुटे पसीने
२-बदायूं के नरेन्द्र ने ५० जिलों में किया था आवेदन लेकिन ४० जिलो की मेरिट में ही नाम
३-चार दिन में गलतियों की सुधार कैसे सम्भव ४-मेरिट लिस्ट देखने पता चला कि टीईटी का अंक गलत चढ़ा है
लखनऊ। बदायूं निवासी नरेंद्र कुमार ने टीईटी शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश के 50 जिलों से आवेदन किया था। शुक्रवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा शिक्षक भर्ती की मेरिट जारी कर दी गई। नरेंद्र कुमार का नाम 40 जिलों में आया है। जबकि 10 जिलों की मेरिट सूची में उनका नाम नहीं है। जिन जिलों में उनका नाम आया भी है, उसमें एक जगह उनके नंबर गलत लिखे हैं और तीन जगह उनके पिता के नाम में गड़बड़ी है। अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर चार दिन में 14 जिलों में जाकर वह किस प्रकार गड़बड़ी सही करवाएंगे। यह तो महज बानगी भर है। शुक्रवार को जारी हुई टीईटी मेरिट में ऐसी कई गलतियां हैं। अभ्यर्थियों को समझ नहीं आ रहा है कि महज चार दिन में वे किस तरह प्रत्येक जिले में जाकर गलतियां सुधरवाएंगे।
लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को टीईटी की मेरिट जारी कर दी गई। पहले तो वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को अपनी मेरिट देखने में पसीने छूटे। दरअसल मेरिट सूची शाम पांच बजे जारी होनी थी लेकिन अभ्यर्थी अपनी मेरिट रात नौ-दस बजे बाद ही देख पाए। मेरिट सूची देखने पर उन्हें पता चला कि इसमें काफी गड़बड़ियां हैं। बहुत से अभ्यर्थियों के टीईटी अंक गलत चढ़े हुए हैं। नाम, जन्म तिथि आदि की गड़बड़ियां बहुत ही ज्यादा है। पांच जुलाई को अभ्यर्थियों को पहले वेबसाइट पर इसका संशोधन करना है। इसके बाद उसकी फोटो कॉपी संबंधित जिले के डायट केंद्र पर जाकर 8 जुलाई तक जमा करनी है। अभ्यर्थियों की असल मुसीबत यही है। नौकरी के लालच में बहुत से अभ्यर्थियों ने 40 से 50 जिलों में आवेदन कर रखा है। वेबसाइट की धीमी गति के कारण ऑनलाइन संशोधन में ही अभ्यर्थियों की हालत खराब हो रही है। इसके बाद महज तीन दिन में डायट केंद्र पर पहुंचकर संशोधन की फोटो कॉपी जमा करवानी है। व्यवहारिक रूप से यह संभव न होने के कारण अभ्यर्थियों में खासा रोष है।
साभार : अमरउजाला
१-वेबसाइट पर मेरिट देखने में अभ्यर्थियों के छुटे पसीने
२-बदायूं के नरेन्द्र ने ५० जिलों में किया था आवेदन लेकिन ४० जिलो की मेरिट में ही नाम
३-चार दिन में गलतियों की सुधार कैसे सम्भव ४-मेरिट लिस्ट देखने पता चला कि टीईटी का अंक गलत चढ़ा है
लखनऊ। बदायूं निवासी नरेंद्र कुमार ने टीईटी शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश के 50 जिलों से आवेदन किया था। शुक्रवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा शिक्षक भर्ती की मेरिट जारी कर दी गई। नरेंद्र कुमार का नाम 40 जिलों में आया है। जबकि 10 जिलों की मेरिट सूची में उनका नाम नहीं है। जिन जिलों में उनका नाम आया भी है, उसमें एक जगह उनके नंबर गलत लिखे हैं और तीन जगह उनके पिता के नाम में गड़बड़ी है। अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर चार दिन में 14 जिलों में जाकर वह किस प्रकार गड़बड़ी सही करवाएंगे। यह तो महज बानगी भर है। शुक्रवार को जारी हुई टीईटी मेरिट में ऐसी कई गलतियां हैं। अभ्यर्थियों को समझ नहीं आ रहा है कि महज चार दिन में वे किस तरह प्रत्येक जिले में जाकर गलतियां सुधरवाएंगे।
लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को टीईटी की मेरिट जारी कर दी गई। पहले तो वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को अपनी मेरिट देखने में पसीने छूटे। दरअसल मेरिट सूची शाम पांच बजे जारी होनी थी लेकिन अभ्यर्थी अपनी मेरिट रात नौ-दस बजे बाद ही देख पाए। मेरिट सूची देखने पर उन्हें पता चला कि इसमें काफी गड़बड़ियां हैं। बहुत से अभ्यर्थियों के टीईटी अंक गलत चढ़े हुए हैं। नाम, जन्म तिथि आदि की गड़बड़ियां बहुत ही ज्यादा है। पांच जुलाई को अभ्यर्थियों को पहले वेबसाइट पर इसका संशोधन करना है। इसके बाद उसकी फोटो कॉपी संबंधित जिले के डायट केंद्र पर जाकर 8 जुलाई तक जमा करनी है। अभ्यर्थियों की असल मुसीबत यही है। नौकरी के लालच में बहुत से अभ्यर्थियों ने 40 से 50 जिलों में आवेदन कर रखा है। वेबसाइट की धीमी गति के कारण ऑनलाइन संशोधन में ही अभ्यर्थियों की हालत खराब हो रही है। इसके बाद महज तीन दिन में डायट केंद्र पर पहुंचकर संशोधन की फोटो कॉपी जमा करवानी है। व्यवहारिक रूप से यह संभव न होने के कारण अभ्यर्थियों में खासा रोष है।
साभार : अमरउजाला

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