Thursday, August 31, 2017

BED, FAKE : 23 सौ शिक्षकों की बीएड की डिग्री निरस्त होते ही छीन जाएगी सहायक अध्यापक की नौकरी और खानी पड़ सकती है जेल की हवा ।

BED, FAKE : 23 सौ शिक्षकों की बीएड की डिग्री निरस्त होते ही छीन जाएगी सहायक अध्यापक की नौकरी और खानी पड़ सकती है जेल की हवा ।

SHIKSHAMITRA, MEETING : शिक्षामित्र लेंगे सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से राय, टीईटी से छूट के लिए शिक्षामित्रों ने रखा प्रस्ताव, समान कार्य, समान वेतन पर नहीं

SHIKSHAMITRA, MEETING : शिक्षामित्र लेंगे सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से राय, टीईटी से छूट के लिए शिक्षामित्रों ने रखा प्रस्ताव, समान कार्य, समान वेतन पर नहीं

--टीईटी से छूट के लिए शिक्षामित्रों ने रखा प्रस्ताव

-समान कार्य, समान वेतन पर नहीं बनी सहमति प्रमुख

संवाददाता- राज्य मुख्यालय शिक्षामित्र आरटीई एक्ट के ताजा संशोधन के तहत टीईटी से छूट के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की राय लेंगे। वहीं समान वेतन, समान कार्य पर भी कोई सहमति नहीं बन पाई है। शिक्षामित्रों के प्रत्यावेदन पर बुधवार को अपर मुख्य सचिव आरपी सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। समाज कल्याण, वित्त, न्याय और सूचना विभाग के प्रमुख सचिवों, प्रतिनिधियों और शिक्षामित्र संगठनों के साथ हुई बैठक में किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनी। शिक्षा मित्र आश्रम पद्धति के स्कूलों की तरह समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे हैं। समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया कि इसके लिए टीईटी जरूरी कर दिया गया है। समान कार्य, समान वेतन का सिद्धांत आश्रम पद्धति के स्कूलों पर वर्ष 2014 में लागू किया गया । हालांकि शिक्षा मित्रों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। वहीं कमेटी ने इस पर न्याय विभाग की राय लेने का भरोसा दिया है। टीईटी से छूट के लिए शिक्षामित्रों ने कहा कि आरटीईटी एक्ट में 9 अगस्त 2017 को हुए संशोधन के बाद उन्हें टीईटी से छूट दी जाए। शिक्षामित्रों ने इस संशोधन व सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे से कानूनी सलाह लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे कमेटी ने मान लिया। आरटीई एक्ट में 9 अगस्त को हुए संशोधन में जिन शिक्षकों ने अभी तक एनसीटीई के मानकों के मुताबिक शैक्षिक अर्हताएं पूरी नहीं की है, उन्हें चार वर्षों का समय और दिया गया है। हालांकि इसमें टीईटी से छूट का कोई जिक्र नहीं है। बैठक में शिक्षा मित्र संगठनों से जितेन्द्र शाही, गाजी इमाम आला, दीनानाथ दीक्षित आदि मौजूद रहे।

IMPORTANT, TRANSFER, CIRCULAR : उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में जनपद के भीतर स्थानान्तरण प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन पत्रों की सत्यापन तिथि दिनांक 04.09.17 तक बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में ।

IMPORTANT, TRANSFER, CIRCULAR : उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में जनपद के भीतर स्थानान्तरण प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन पत्रों की सत्यापन तिथि दिनांक 04.09.17 तक बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में ।

Wednesday, August 30, 2017

CIRCULAR, FAKE, PRIVATE SCHOOL : प्रदेश में संचालित बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के चिन्हांकन के पश्चात की गई आवश्यक कार्यवाही की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी ।

CIRCULAR, FAKE, PRIVATE SCHOOL : प्रदेश में संचालित बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के चिन्हांकन के पश्चात की गई आवश्यक कार्यवाही की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी ।

CIRCULAR, BOOKS : शैक्षिक सत्र 2017-18 में जनपद में कक्षा 1 से 8 तक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी

CIRCULAR, BOOKS : शैक्षिक सत्र 2017-18 में जनपद में कक्षा 1 से 8 तक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी

MANDEYA, ANGANBADI : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने 18 हजार मानदेय की मांग को लेकर लखनऊ में डाला डेरा

MANDEYA, ANGANBADI : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने 18 हजार मानदेय की मांग को लेकर लखनऊ में डाला डेरा

AWARD, SCHOOL : सूबे के 17 प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित, राज्य परियोजना निदेशक ने किया पृरस्कृत ।

AWARD, SCHOOL : सूबे के 17 प्राइमरी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित, राज्य परियोजना निदेशक ने किया पृरस्कृत

SHIKSHAMITRA : भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद यूपी सरकार शिक्षामित्रों के मामले मे हुई सजग, दिल्ली के जंतर-मंतर के धरने से भारत सरकार के प्रमुख सचिव से हुई वार्ता के बिना पर उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की समिति गठित कर रिपोर्ट देने को कहा ।

SHIKSHAMITRA : भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद यूपी सरकार शिक्षामित्रों के मामले मे हुई सजग, दिल्ली के जंतर-मंतर के धरने से भारत सरकार के प्रमुख सचिव से हुई वार्ता के बिना पर उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की समिति गठित कर रिपोर्ट देने को कहा ।

BED, FAKE : बीएड की चार हजार मार्कशीट निरस्त करने की संस्तुति, एसआईटी ने लम्बी जांच पड़ताल के बाद भेजी सूची ।

BED, FAKE : बीएड की चार हजार मार्कशीट निरस्त करने की संस्तुति, एसआईटी ने लम्बी जांच पड़ताल के बाद भेजी सूची ।

बड़ी कार्रवाईः आगरा विवि में बीएड की 4000 मार्कशीट निरस्त करने की संस्तुति

डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में एसआईटी ने बीएड की 4000 डिग्रियां निरस्त किए जाने की संस्तुति की है। सभी डिग्रियां 2003-04 सत्र की हैं। जांच एजेंसी ने लंबी जांच पड़ताल के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अरविंद दीक्षित को खत भेजा है। खास बात यह है कि यह पूरी सूची विवि के रिकार्ड से ही तैयार की गई है।

एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 2003-04 के सत्र में विवि. से बीएड में 8132 रजिस्ट्रेशन हुए थे जबकि चार्ज रूम से मिले रिकार्ड के अनुसार मार्कशीट 12132 जारी की गई हैं । इसी से साफ है कि 4000 मार्कशीट फर्जी हैं। इनमें से 3000 तो जेनरेट की गई हैं। इन्हें उन लोगों ने खरीदा जिनका बीएड में दाखिला ही नहीं था।

इनके अतिरिक्त 1000 मार्कशीट ऐसी पाई गईं जिनमें अंक  बढ़ाए गए थे। 500 मार्कशीट में तो 30 से 40 फीसदी तक  अंक बढ़ाए गए। यह घोटाला 82 निजी कॉलेजों ने किया है।

मनमाने ढंग से बढ़ाया मैनेजमेंट कोटा

इस मामले की जांच कर रही टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि इन कालेजों ने मनमाने ढंग से मैनेजमेंट कोटा बढ़ा लिया। बाद में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों से साठगांठ करके अतिरिक्त कोटे में लिए गए अभ्यर्थियों को मार्कशीट बेच दीं। पकड़े जाने के डर से चार्ट में इनका रिकार्ड दर्ज करा दिया। इस मामले में अक्तूबर 2015 में केस दर्ज किया गया था। अब जांच फाइनल स्टेज में पहुंची है।

छह महीने पहले ही जांच में यह खेल पकड़ लिया गया था। तब एसआईटी ने 2003-04 की सभी मार्कशीट निरस्त करने की संस्तुति की थी। इस पर विवि. प्रबंधन ने आपत्ति कर दी थी। कह दिया था कि जिन अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया और फिर मेहनत से पास हुए, उनकी क्या गलती है जो उनकी मार्कशीट भी निरस्त की जाए। इस पर एसआईटी ने नए सिरे से जांच करके 4000 फर्जी डिग्री का ब्योरा तैयार किया।

NOTICE, TEACHERS, BSA : विद्यालय न आने वाले 32 शिक्षकों की जाएगी नौकरी, लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे, नोटिस पर भी नहीं दिया स्पष्टीकरण, आठ सितंबर तक जवाब नहीं भेजा तो समाप्त की जाएगी सेवा

NOTICE, TEACHERS, BSA : विद्यालय न आने वाले 32 शिक्षकों की जाएगी नौकरी, लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे, नोटिस पर भी नहीं दिया स्पष्टीकरण, आठ सितंबर तक जवाब नहीं भेजा तो समाप्त की जाएगी सेवा

🔴 32 बेसिक शिक्षकों की जाएगी नौकरी

🌕 लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे, नोटिस पर भी नहीं दिया स्पष्टीकरण

🔵 आठ सितंबर तक जवाब नहीं भेजा तो समाप्त की जाएगी सेवा

इलाहाबाद। जिले के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 32 सहायक अध्यापकों की नौकरी जा सकती है। ये शिक्षक लंबे समय से विद्यालय नहीं जा रहे हैं। इनको कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। ऐसे में अब बीएसए ने सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। इन शिक्षकों को आठ सितंबर तक स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर उनकी सेवाओं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

32 सहायक अध्यापक बिना किसी सूचना के लंबे समय से अपने विद्यालयों से गायब हैं। ये रिपोर्ट तो सिर्फ इलाहाबाद की है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों का कमोबेश यही हाल है, जो बिना किसी सूचना के महीनों-महीनों विद्यालय से गायब रहते हैं। इस घालमेल पर नियंत्रण के लिए ही पिछले माह मंडलायुक्त ने आकस्मिक छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र देने के बजाए ऑनलाइन सूचना देने की व्यवस्था लागू कराई। इसके लिए वाट्सएप नंबर, ई-मेल, मोबाइल नंबर भी जारी किए गए। हालांकि, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं।

अब 32 शिक्षकों के लंबे समय से विद्यालय से गायब रहने की रिपोर्ट सामने आने के बाद अवकाश के नाम पर घालमेल भी साफ हो गया है। बीएसए संजय कुशवाहा के मुताबिक लंबे समय से गायब इन सहायक अध्यापकों को एक एवं 24 जून को पंजीकृत डाक से कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन किसी भी शिक्षक ने कार्यालय में स्पष्टीकरण नहीं दिया। ऐसे में उन्हें अब अंतिम अवसर दिया गया है। आठ सितंबर तक स्पष्टीकरण न प्रस्तुत करने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी।

MANTRI : बीटीसी अभ्यर्थियों के मंत्री से मिलने पर मंत्री बोले टीईटी परीक्षा पास करने वालों को मिलेगी नौकरी, अभी भारांक का निर्धारण नही , निर्णय के लिए एक कमेटी बनाई गई - डॉ महेन्द्र सिंह

MANTRI : बीटीसी अभ्यर्थियों के मंत्री से मिलने पर मंत्री बोले टीईटी परीक्षा पास करने वालों को मिलेगी नौकरी, अभी भारांक का निर्धारण नही , निर्णय के लिए एक कमेटी बनाई गई - डॉ महेन्द्र सिंह 

SHIKSHAMITRA, TEACHING : शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए, शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया

SHIKSHAMITRA, TEACHING : शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए, शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया

राज्य मुख्यालय। शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए। स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बनाए रखे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने कहा है कि शिक्षामित्रों की पहचान स्कूल जाकर पढ़ाने से बनी है। उन्हें ये नौकरी भी इसीलिए मिली है कि वे बच्चों को पढ़ा रहे थे इसलिए वे आंदोलन की राह छोड़ कर स्कूलों में जाए।

वहीं उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा है कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनके समायोजन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। दरअसल शिक्षामित्रों के कई संघ हैं। दो बड़े संघों को छोड़ कर बाकी संघों से जुड़े शिक्षामित्र तरह-तरह के आंदोलन में व्यस्त हैं। मसलन दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षामित्र दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।

वहीं शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। इसके अलावा कई शिक्षामित्र राजधानी में डेरा डाल कर नजर रखे हैं कि सरकार उन पर क्या निर्णय लेती है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई पर इसका खासा असर पड़ रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली ही मुलाकात में साफ कर दिया था कि वार्ता और आंदोलन एक साथ नहीं चल सकता। शिक्षामित्र आंदोलन खत्म करें तभी सरकार उन पर विचार करेगी।

DELED : डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) के सोमवार से शुरू हुई ऑनलाइन सीट एलॉटमेंट की प्रक्रिया वेबसाइट का सर्वर डाउन होने के कारण बाधित रही, 40 हजार रैंक वाले चार सितंबर तक देंगे विकल्प

DELED : डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) के सोमवार से शुरू हुई ऑनलाइन सीट एलॉटमेंट की प्रक्रिया वेबसाइट का सर्वर डाउन होने के कारण बाधित रही, 40 हजार रैंक वाले चार सितंबर तक देंगे विकल्प

इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता । डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) के सोमवार से शुरू हुई ऑनलाइन सीट एलॉटमेंट की प्रक्रिया वेबसाइट का सर्वर डाउन होने के कारण बाधित रही। सोमवार और मंगलवार को वेबसाइट इतने अधिक लोगों ने हिट किया कि लोग संस्थान का विकल्प नहीं भर सके। अभ्यर्थियों की समस्या को देखते हुए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह ने 40 हजार तक रैंक वाले अभ्यर्थियों को संस्थान का विकल्प चुनने के लिए चार सितंबर तक का अवसर दिया है। पहले 28 से 30 अगस्त तक विकल्प देने की तारीख थी। 31 को सीट एलॉटमेंट की सूचना मिलनी थी। इसके बाद 40001 से एक लाख तक के अभ्यर्थियों को एक से चार सितंबर तक विकल्प चुनना था। लेकिन अब 40 हजार तक रैंक वालों को एक लाख तक रैंक के अभ्यर्थियों के साथ विकल्प चुनने का अवसर दिया गया है। एक से एक लाख तक रैंक वाले अभ्यर्थियों के सीट एलॉटमेंट की सूचना पांच सितंबर को जारी की जाएगी।सचिव सुत्ता सिंह ने बताया कि इसके अलावा सीट एलॉटमेंट की पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी।विकल्प चुनने के लिए दिनभर रहे परेशान : डीएलएड में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले सात लाख से अधिक अभ्यर्थी अपनी-अपनी रैंक जानने के लिए वेबसाइट हिट करने लगे। जिसके कारण सर्वर डाउन हो गया और अभ्यर्थी सोमवार व मंगलवार को संस्थान का विकल्प नहीं दे सके। पूजा शुक्ला का उदाहरण लें। पूजा की रैंक 10873 है। उसके पिता शुत्रध्न शुक्ला पूरे दिन साइबर कैफे में बैठे रहे लेकिन संस्थान का विकल्प नहीं दे सके।

PROTEST : शिक्षामित्रों को 25 अंक भारांक को लेकर BTC वालों के प्रदर्शन पर बोले योगी के मंत्री, पास होने वालों को मिलेगी नौकरी

PROTEST : शिक्षामित्रों को 25 अंक भारांक को लेकर BTC वालों के प्रदर्शन पर बोले योगी के मंत्री, पास होने वालों को मिलेगी नौकरी

लखनऊ। शिक्षामित्रों के लंबे संघर्ष के बाद उनके मिलने वाले 25 अंकों के भारांक के विरोध में आज बीटीसी वालों ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। करीब सौ की संख्‍या में हाथों में तख्तियां लिए बीटीसी वालों ने बीजेपी के कार्यालय पर नारेबाजी करने के साथ ही शिक्षामित्रों को मिलने वाले 25 अंकों को वापस लेने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसा नहीं करने से बीटीसी वालों के साथ सरासर नाइंसाफी होगी। हंगामा की सूचना लगते ही मौके पर पहुंची हजरतगंज पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने के बाद शांत कराया। इसके बाद बीटीसी वालों ने भाजपा मुख्‍यालय पर आज जनसुनवाई कर रहे राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 महेन्द्र सिंह से अपनी समस्‍या बताने के साथ ही उसे हल करने की मांग की। राज्‍यमंत्री के अन्‍याय नहीं होने देने के आश्‍वासन पर प्रदर्शनकारी लौट गए। जिसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
इस बारे में डा0 महेन्द्र सिंह ने मीडिया से कहा कि अभी अंको का निर्धारण नहीं हुआ है, बीटीसी के लोग कह रहे थे कि हम लोगों के बीच में किसी और की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार योगी सरकार फैसला ले रही है उस निर्णय के तहत एक कमेटी बनाई गई है कमेटी अपना निर्णय लेगी। दोनों लोग परीक्षा में बैठेंगे, जो परीक्षा पास करेगा, उसको नौकरी मिलेगी, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

वहीं राज्‍यमंत्री ने योगी सरकार की बढ़ाई करते हुए कहा कि बीटीसी के अभ्यर्थियों को यह सोचना चाहिए कि कितना बड़ा निर्णय उनके पक्ष में हुआ है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश हुआ है कि शिक्षा मित्र जो 10-15 वर्षो से पढ़ा रहे थे, उनकों वहां से हटाया गया है। योगी सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सुप्रीमकोर्ट के मार्गदर्शन में फैसला किया कि जिसनें 15-20 वर्षो की सेवा की है उनकों आयु सीमा में छूट दिया जाए, जिससे बीटीसी के लोगों को कोई हानि न हो। योगी सरकार अपने नारे सबका साथ, सबका विकास के अनुसार ही फैसला कर रही है।

स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर विशेष ध्‍यान दे रही योगी सरकार
वहीं बीआरडी हादसे के साथ ही हाल ही में राजधानी के लोहिया अस्‍पताल में कुत्‍तों के महिला के शव को खा जाने के सवाल पर राज्‍यमंत्री ने दावा किया योगी आदित्‍यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही स्वास्थ्य सेवा पर विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह से बिगड़ गयी थी उसकों ठीक करने के लिए हर दिन काम किया जा रहा है। साथ ही उन्‍होंने यह भी दावा कि पहले जैसी परिस्थितियां अब नहीं है, धीरे-धीरे सुधार हो रहा है आगे और अच्छी स्थिति देखने को मिलेगी।

109 में 74 का मौके पर निस्‍तारण

वहीं आज भाजपा मुख्‍यालय आए मामलों के बारे में राज्‍य मंत्री ने कहा कि जन सहयोग केन्द्र पर 109 समस्याओं के शिकायती पत्र आएं थे, जिसमें से करीब 74 समस्याओं का निस्तारण टेलीफोन एवं पत्र के माध्यम से कर दिया गया। इनमें 34 भूमि से संबधित जबकि अन्य आवास, पेयजल और सड़क बनवाने से जुड़े थे।

INTERDISTRICT TRANSFER : अब अंतर जिला तबादलों की बारी, शिक्षकों को मनचाहे जिलों में जाने का मिलेगा मौका

INTERDISTRICT TRANSFER : अब अंतर जिला तबादलों की बारी, शिक्षकों को मनचाहे जिलों में जाने का मिलेगा मौका

इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का जिले के अंदर तबादले की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी होने जा रही है। इसके बाद अंतर जिला तबादले की राह देख रहे शिक्षकों को मनचाहे जिलों में जाने का मौका मिलेगा। उम्मीद है कि महकमा अंतर जिला तबादले सितंबर में ही कराएगा, ताकि अर्धवार्षिक परीक्षाएं आदि प्रभावित न हो सकें।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले चरणबद्ध तरीके से चल रहे हैं। परिषद मुख्यालय ने सबसे पहले जिलों में समायोजन के आदेश दिए यह प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही हाईकोर्ट ने रोक लगा दी, यह रोक 14 सितंबर तक लगी है। ऐसे में परिषद ने शासन के निर्देश पर अंतर जिला तबादलों के लिए बीते दिनों ऑनलाइन आवेदन लिए हैं। आवेदन पूरे होने के बाद अब तबादला आदेश जारी होना है। इस वर्ष परिषदीय शिक्षकों की तबादला नीति में अंतर जिला तबादले अगस्त में कराने का निर्देश हुआ था, लेकिन शिक्षामित्रों के आंदोलन के बाद सारी प्रक्रिया लेट हो गई, इसलिए अब तय समय से एक माह बाद यह स्थानांतरण शुरू होने के पूरे आसार हैं।

हर हाल में 31 तक पूरे करें सत्यापन : परिषद सचिव संजय सिन्हा ने बेसिक निर्देश दिया है कि जिले के अंदर तबादले के आवेदनों का सत्यापन पूरा करके हर हाल में 31 अगस्त को परिषद मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजे। इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी है। देरी हुई तो बीएसए ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

UPTET: टीईटी में आवेदन की रफ्तार धीमी, नहीं बढ़ेगी मियाद, टीईटी 2017 के लिए बीते 25 अगस्त को दोपहर बाद से ऑनलाइन पंजीकरण व आवेदन का कार्य शुरू हो गया

UPTET: टीईटी में आवेदन की रफ्तार धीमी,
नहीं बढ़ेगी मियाद, टीईटी 2017 के लिए बीते 25 अगस्त को दोपहर बाद से ऑनलाइन पंजीकरणआवेदन का कार्य शुरू हो गया

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी 2017 में आवेदन की रफ्तार अभी काफी धीमी है। चार दिनों में महज एक लाख 20 हजार ने पंजीकरण कराया है। इसकी वजह यह भी बताई जा रही है तमाम शिक्षामित्र सरकार से टीईटी में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद लगाए हैं और आवेदन नहीं कर रहे हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से ऐसे संकेत हैं कि इस बार आवेदन की समय सीमा बढ़ाई नहीं जाएगी, क्योंकि परीक्षा की तारीख पहले घोषित हो चुकी है। आवेदन व परीक्षा तैयारी के बीच समय काफी कम है। टीईटी 2017 के लिए बीते 25 अगस्त को दोपहर बाद से ऑनलाइन पंजीकरण व आवेदन का कार्य शुरू हो गया है।

सोमवार की शाम तक महज 70 हजार पंजीकरण हुए थे, जो मंगलवार को बढ़कर एक लाख बीस हजार हुए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इस बार करीब दस लाख आवेदन होने की उम्मीद लगाए है उस लिहाज से पंजीकरण व आवेदन की गति बेहद धीमी है। हालांकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर है। परीक्षा नियामक कार्यालय की ओर से कहा गया है कि टीईटी में समय सीमा बढ़ाने की इस बार गुंजाइश नहीं है इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन पूरा करना चाहिए।

अनिल ने संभाला राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य का कार्यभार : अनिल भूषण चतुर्वेदी ने राज्य शिक्षा संस्थान उप्र इलाहाबाद के प्राचार्य का कार्यभार मंगलवार को संभाल लिया है। संस्थान के प्रभारी प्राचार्य आनंदकर पांडेय ने उन्हें कार्यभार सौंपा। चतुर्वेदी ने बताया कि संस्थान के कार्यो को गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। संस्थान में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के शिक्षण के लिए पुस्तक लेखन सहित अन्य जरूरी कार्य होते हैं।

Tuesday, August 29, 2017

SHIKSHAMITRA : शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए, शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया

SHIKSHAMITRA : शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए, शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया

राज्य मुख्यालय। शिक्षामित्र नेताओं ने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाए। स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बनाए रखे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही ने कहा है कि शिक्षामित्रों की पहचान स्कूल जाकर पढ़ाने से बनी है। उन्हें ये नौकरी भी इसीलिए मिली है कि वे बच्चों को पढ़ा रहे थे इसलिए वे आंदोलन की राह छोड़ कर स्कूलों में जाए।

वहीं उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा है कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनके समायोजन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। दरअसल शिक्षामित्रों के कई संघ हैं। दो बड़े संघों को छोड़ कर बाकी संघों से जुड़े शिक्षामित्र तरह-तरह के आंदोलन में व्यस्त हैं। मसलन दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षामित्र दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।

वहीं शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने शिक्षक दिवस यानी 5 सितम्बर के मौके पर विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। इसके अलावा कई शिक्षामित्र राजधानी में डेरा डाल कर नजर रखे हैं कि सरकार उन पर क्या निर्णय लेती है। ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई पर इसका खासा असर पड़ रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली ही मुलाकात में साफ कर दिया था कि वार्ता और आंदोलन एक साथ नहीं चल सकता। शिक्षामित्र आंदोलन खत्म करें तभी सरकार उन पर विचार करेगी।

SHIKSHAMITRA : टीईटी पास शिक्षामित्रों के साथ हो रहा अन्याय, 21 अगस्त को बेसिक शिक्षा के उप शिक्षा निदेशक (शिविर) गणेश कुमार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से टीईटी पास शिक्षामित्रों की सूची मांगी

SHIKSHAMITRA : टीईटी पास शिक्षामित्रों के साथ हो रहा अन्याय, 21 अगस्त को बेसिक शिक्षा के उप शिक्षा निदेशक (शिविर) गणेश कुमार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से टीईटी पास शिक्षामित्रों की सूची मांगी

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण सहायक अध्यापक (शिक्षामित्र) सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद के बाद प्रदेश सरकार द्वारा त्वरित निर्णय नहीं लेने से नाखुश हैं। सरकार से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने व प्रथम वरीयता देकर पुन: सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं।

मंगलवार को टीईटी उत्तीर्ण सहायक अध्यापकों(शिक्षामित्रों) की बैठक में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के प्रदेश कोआर्डिनेटर अरविंद कुमार यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश के 1.37 लााख समायोजित शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया। इसमें करीब 22 हजार वह शिक्षामित्र भी शामिल हैं, जो बीटीसी के साथ टीईटी पास हैं। जिले में ऐसे शिक्षामित्रों की संख्या करीब पांच सौ है। कहा कि शिक्षक बनने के लिए निर्धारित योग्यता रहने के बावजूद टीईटी पास ऐसे सहायक अध्यापकों का भी समायोजन कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट के निर्णय से टीईटी पास शिक्षामित्र भी प्रभावित हुए हैं।

आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका (रिव्यू पेटिशन) दाखिल की गयी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की जा रही हैं कि वह जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करे। शिक्षक भर्ती में टीईटी पास शिक्षामित्रों को प्रथम वरीयता देकर नियुक्त किया जाए। प्रक्रिया पूरी होने तक वर्तमान पद ही कार्यरत रहने दिया जाए, अगर आवश्यकता हो तो प्रदेश सरकार इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ले ले। बैठक के बाद सहायक अध्यापकों (शिक्षामित्र) ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा सचिव के साथ ही बेसिक शिक्षा के अन्य अधिकारियों को मांग पत्र भेजा। इस दौरान ललित मोहन सिंह, धनंजय शर्मा, संजय यादव, अवनीश, अनिल गुप्त, संतोष यादव, शिवजी गुप्त, सत्येंद्र यादव, राजू प्रसाद, विनोदय् यादव, मुन्ना यादव, मनोज कुमार, सतीश सिंह, दिनेश यादव, हरेंद्र चौहान, संतोष कुशवाहा, विवेक सिंह आदि थे।

बीएसए ने मांगी टीईटी पास शिक्षामित्रों की सूची शासन के निर्देश पर बीएसए संतोष कुमार राय ने खंड शिक्षा अधिकारियों से जिले के टीईटी उत्तीर्ण समायोजित सहायक अध्यापकों व शिक्षामित्रों की सूची दो दिनों अंदर मांगी है।

21 अगस्त को बेसिक शिक्षा के उप शिक्षा निदेशक (शिविर) गणेश कुमार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से टीईटी पास शिक्षामित्रों की सूची मांगी थी। इसी के क्रम में बीएसए ने मंगलवार को पत्र जारी करके दो दिनों के अंदर सूची मांगी है। बीएसए के आदेश के क्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने एनपीआरसी समन्वयकों के माध्यम से सूचना एकत्र करनी शुरू कर दी है।

DELED, COURSE : अब बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को भी करना होगा डीएलएड, नहीं तो एक अप्रैल, 2019 से सेवा समाप्त

DELED, COURSE : अब बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को भी करना होगा डीएलएड, नहीं तो एक अप्रैल, 2019 से सेवा समाप्त

पटना : प्राथमिक स्कूलों में काम कर रहे बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को भी 18 महीने का डीएलएड (डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन) करना होगा. अगर वे डीएलएड नहीं करेंगे, तो एक अप्रैल 2019 से उनकी सेवा खत्म हो जायेगी. इन बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को राहत तभी मिलेगी, जब वे छह महीने का संवर्द्धन कोर्स कर लेंगे. इसके लिए शिक्षा विभाग एनसीटीइ को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है. एनसीटीइ अगर अनुमति दे देती है तो शिक्षकों के छह माह के संवर्द्धन कोर्स करने से काम चल जायेगा.

सरकार यह कोर्स नेशनल स्कूल ऑफ ओपेन स्कूलिंग के जरिये करायेगा. इसके लिए शिक्षा विभाग व एनआइओएस में सहमति बन गयी है. प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में करीब 10 हजार ऐसे नियोजित शिक्षक हैं, जो डीएलएड की जगह बीएड डिग्री धारी हैं. उनका सिर्फ छह महीने का संवर्द्धन कोर्स करना है, लेकिन यह पिछले कई सालों से लंबित पड़ा है. बिहार सरकार के प्रस्ताव पर अगर एनसीटीइ मुहर नहीं लगाती है, तो इन शिक्षकों को डीएलएड करना होगा, नहीं तो नौकरी जायेगी.

शिक्षक हो सकते हैं परेशान

शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो अप्रशिक्षितों की डीएलएड की ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और 15 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन होगा. अगर इसमें शिक्षक एनसीटीइ की सहमति मिलने का इंतजार करते रहे और डीएलएड के रजिस्ट्रेशन की तारीख खत्म हो गयी, तो उन्हें नौकरी बचाने में परेशानी हो सकती है.

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